एक सौ (१००) कर्म संबंधित एक प्रचलित कथा:-

94 का महत्व — (१००-६=९४)काशी में मणिकर्णिका घाट पर चिता जब शांत हो जाती है तब मुखाग्नि देने वाला व्यक्ति चिता भस्म पर 94 लिखता है। यह सभी को नहीं मालूम है। खांटी बनारसी लोग या अगल बगल के लोग ही इस परम्परा को जानते हैं। बाहर से आये शवदाहक जन इस बात को नहीं […]

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Bada (budhawa)Mangal kathhaa बड़ा(बुढ़वा) मंगल कथा और महत्व

लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।बज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर॥ बुढ़वा मंगल उत्सव हनुमान जी के वृद्ध रूप के लिए किया जाता है। यह उत्सव ज्येष्ठ माह के चारों मंगलवार को आयोजित किया जाता है, जिसे प्रचलित भाषा में बूढ़े मंगल के नाम से भी जाना जाता है। बुढ़वा […]

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