एक सौ (१००) कर्म संबंधित एक प्रचलित कथा:-

94 का महत्व — (१००-६=९४)काशी में मणिकर्णिका घाट पर चिता जब शांत हो जाती है तब मुखाग्नि देने वाला व्यक्ति चिता भस्म पर 94 लिखता है। यह सभी को नहीं मालूम है। खांटी बनारसी लोग या अगल बगल के लोग ही इस परम्परा को जानते हैं। बाहर से आये शवदाहक जन इस बात को नहीं […]

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!!शुभ दीपावली!!

“मान मिले *सम्मान* मिले,सुख-संपत्ति का वरदान मिले। क़दम – क़दम पर मिले सफ़लता सदियों तक पहचान मिले। सह-परिवार आप श्री को प्रकाशोत्सव पर्व  की हार्दिक शुभकामनायें!!

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पितृपक्ष (श्राद्ध सेवा)

*ऋणी रहूंगा अपने पितरों का, जिन्होंने मुगलों के विरुद्ध ७०० और अंग्रेजों के विरुद्ध 190 वर्ष तक धर्मांतरण की लड़ाई लड़ी और मेरी पहचान हिंदू के रूप में रखी। हे परम आदरणीय पूर्वजों !!! सात सौ साल के इस्लामिक राज और दो सौ साल के ईसाई शासन के बाद भी आज हम अपने त्योहार मना […]

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