एक सौ (१००) कर्म संबंधित एक प्रचलित कथा:-

94 का महत्व — (१००-६=९४)काशी में मणिकर्णिका घाट पर चिता जब शांत हो जाती है तब मुखाग्नि देने वाला व्यक्ति चिता भस्म पर 94 लिखता है। यह सभी को नहीं मालूम है। खांटी बनारसी लोग या अगल बगल के लोग ही इस परम्परा को जानते हैं। बाहर से आये शवदाहक जन इस बात को नहीं […]

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!!शुभ दीपावली!!

“मान मिले *सम्मान* मिले,सुख-संपत्ति का वरदान मिले। क़दम – क़दम पर मिले सफ़लता सदियों तक पहचान मिले। सह-परिवार आप श्री को प्रकाशोत्सव पर्व  की हार्दिक शुभकामनायें!!

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विजयादशमी उत्सव

“शमी शमयते पापम् शमी शत्रुविनाशिनी।अर्जुनस्य धनुर्धारी रामस्य प्रियदर्शिनी॥करिष्यमाणयात्राया यथाकालम् सुखम् मया।तत्रनिर्विघ्नकर्त्रीत्वं भव श्रीरामपूजिता॥” अर्थात “हे शमी, आप पापों का क्षय करने वाले और दुश्मनों को पराजित करने वाले हैं। आप अर्जुन का धनुष धारण करने वाले हैं और श्री राम को प्रिय हैं। जिस तरह श्री राम ने आपकी पूजा की मैं भी करता हूँ। […]

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