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!!वैशाख मास व्रत एवं माहात्म्य!!

*”न माधवसमो मासो न कृतेन युगं समम्। न च वेदसमं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समम्।।” वैशाख के समान कोई मास नहीं है, सत्ययुग के समान कोई युग नहीं है,        वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं है।    अपने कतिपय वैशिष्ट्य के कारण वैशाख उत्तम मास है।                                      एक कथा […]

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!!शुभ दीपावली!!

“मान मिले *सम्मान* मिले,सुख-संपत्ति का वरदान मिले। क़दम – क़दम पर मिले सफ़लता सदियों तक पहचान मिले। सह-परिवार आप श्री को प्रकाशोत्सव पर्व  की हार्दिक शुभकामनायें!!

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विजयादशमी उत्सव

“शमी शमयते पापम् शमी शत्रुविनाशिनी।अर्जुनस्य धनुर्धारी रामस्य प्रियदर्शिनी॥करिष्यमाणयात्राया यथाकालम् सुखम् मया।तत्रनिर्विघ्नकर्त्रीत्वं भव श्रीरामपूजिता॥” अर्थात “हे शमी, आप पापों का क्षय करने वाले और दुश्मनों को पराजित करने वाले हैं। आप अर्जुन का धनुष धारण करने वाले हैं और श्री राम को प्रिय हैं। जिस तरह श्री राम ने आपकी पूजा की मैं भी करता हूँ। […]

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पितृपक्ष (श्राद्ध सेवा)

*ऋणी रहूंगा अपने पितरों का, जिन्होंने मुगलों के विरुद्ध ७०० और अंग्रेजों के विरुद्ध 190 वर्ष तक धर्मांतरण की लड़ाई लड़ी और मेरी पहचान हिंदू के रूप में रखी। हे परम आदरणीय पूर्वजों !!! सात सौ साल के इस्लामिक राज और दो सौ साल के ईसाई शासन के बाद भी आज हम अपने त्योहार मना […]

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