पंचगव्य आयुर्वेद चिकित्सा

आज हम अपने जीवन में अनेकों माध्यमों से अपने सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व शारीरिक स्वास्थ्य को संवारने व उत्कृष्ट बनाने के लिये विविध प्रकार के उपाय करते हैं परंतु उनके परिणाम जब हमें  निराशाजनक मिलते हैं ऐसी स्थिती में आज आशातीत परिणामों के लिये वर्तमान समय में पंचगव्य आयुर्वेद चिकित्सा व भारतीय स्वदेशी पूरातन तरीकों को ही कारगर पाते हैं..

कुछ प्रमुख समाचार पत्रों के माध्यम से” पंचगव्य आयुर्वेद चिकित्सा के विभिन्न शिविरों में हमारे समाज के लाभान्वित होकर साक्षात उदाहरण सिद्ध हुये कुछ अनुभव पढ़ने को मिले.. आइये देखें व पढें:-

Mango leaves continue to release oxygen for at least two days after cutting. That is why they are used to keep the air fresh in all ceremonies and celebrations, especially when there are a lot of people.
Why does our sanatana dharma compel us to tie mango leaves to our doors…. In this video, a mango leaf is cut in the laboratory and put under a microscope… The bubbles coming out of the leaf are oxygen… Rishis knew this thousands of years ago and made it a part of our culture.
आम की पत्तियां काटने के बाद कम से कम दो दिन तक ऑक्सीजन छोड़ती रहती हैं। इसीलिए इनका उपयोग सभी समारोहों और समारोहों में हवा को ताज़ा रखने के लिए किया जाता है, खासकर जब बहुत सारे लोग हों।
हमारा सनातन धर्म हमें अपने दरवाजे पर आम के पत्ते बांधने के लिए क्यों मजबूर करता है…. इस वीडियो में, एक आम के पत्ते को प्रयोगशाला में काटा जाता है और माइक्रोस्कोप के नीचे रखा जाता है… पत्ते से निकलने वाले बुलबुले ऑक्सीजन हैं… ऋषियों ने इसे हजारों वर्ष पहले ही जान लिया था और उन्होंने इसे हमारी संस्कृति का हिस्सा बना दिया।

आम्रपल्लव :वैज्ञानिक दृष्टीकोन

https://youtube.com/shorts/IEOV9gjmgZw?feature=shared