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विजयादशमी उत्सव

“शमी शमयते पापम् शमी शत्रुविनाशिनी।अर्जुनस्य धनुर्धारी रामस्य प्रियदर्शिनी॥करिष्यमाणयात्राया यथाकालम् सुखम् मया।तत्रनिर्विघ्नकर्त्रीत्वं भव श्रीरामपूजिता॥” अर्थात “हे शमी, आप पापों का क्षय करने वाले और दुश्मनों को पराजित करने वाले हैं। आप अर्जुन का धनुष धारण करने वाले हैं और श्री राम को प्रिय हैं। जिस तरह श्री राम ने आपकी पूजा की मैं भी करता हूँ। […]

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पितृपक्ष (श्राद्ध सेवा)

*ऋणी रहूंगा अपने पितरों का, जिन्होंने मुगलों के विरुद्ध ७०० और अंग्रेजों के विरुद्ध 190 वर्ष तक धर्मांतरण की लड़ाई लड़ी और मेरी पहचान हिंदू के रूप में रखी। हे परम आदरणीय पूर्वजों !!! सात सौ साल के इस्लामिक राज और दो सौ साल के ईसाई शासन के बाद भी आज हम अपने त्योहार मना […]

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🌹🌹पद्मभागवत पद रत्नाकर 🌹 🌹

पद संख्या 476 🌹 जय जय श्री राधे 🌹🙏🌹 🌹श्याम हमारे तन-मन-धन हैं, श्याम हमारे जीवन-प्रान।श्याम हमारे अङ्ग-अङ्गमें, रोम-रोममें बसे महान॥ 🌹श्याम मिले ही रहते हैं नित, नहीं छोड़ते हैं पल एक।घरमें, वनमें, भीतर-बाहर, सदा साथ रहते रख !! टेक॥ 🌹 स्वप्न-जागरण, भोग-योगमें घुले-मिले रहते हैं नित्य।साथ खेलते, साथ विहरते, सदा साथ सोते हैं सत्य॥ […]

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जीव दया की अनोखी मिसाल: 171 बीघा भूमिदान

-प्रशासन को सौंपे दस्तावेजराजस्थान के एक परिवार ने पशुधन के चरने के लिए अपनी खातेदारी जमीन में से 171 बीघा भूमि ओरण गोचर के लिए दान कर दी। *रिपोर्ट -राहुल शर्मा* *बाड़मेर*- जहां आज के कलयुग में जहां इंसान गोवंश /गोचर भूमि क्षेत्र को हड़पने से नही चूकते वही आज भी कुछ दानवीर जिंदा जमीर […]

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