Tag: दान
Bada (budhawa)Mangal kathhaa बड़ा(बुढ़वा) मंगल कथा और महत्व
लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।बज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर॥ बुढ़वा मंगल उत्सव हनुमान जी के वृद्ध रूप के लिए किया जाता है। यह उत्सव ज्येष्ठ माह के चारों मंगलवार को आयोजित किया जाता है, जिसे प्रचलित भाषा में बूढ़े मंगल के नाम से भी जाना जाता है। बुढ़वा […]
Read More Bada (budhawa)Mangal kathhaa बड़ा(बुढ़वा) मंगल कथा और महत्वअपने बच्चों को दें यह 12 सबसे बेहतरीन विरासतें..
याद रखें: हम सभी अपने पूर्वजों की विरासत हैं। अगर हम अच्छे इंसान हैं तो हमारे माता-पिता ने अच्छे बीज बोए होंगे। अब हमारी बारी है कि हम अगली पीढ़ी को सशक्त बनाएं। ईश्वर हम सभी को इस जिम्मेदारी को निभाने की शक्ति दें..GAVYAM SOCIAL WELFARE SOCIETY..http://www.gavyam.org
Read More अपने बच्चों को दें यह 12 सबसे बेहतरीन विरासतें..!!वैशाख मास व्रत एवं माहात्म्य!!
*”न माधवसमो मासो न कृतेन युगं समम्। न च वेदसमं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समम्।।” वैशाख के समान कोई मास नहीं है, सत्ययुग के समान कोई युग नहीं है, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं है। अपने कतिपय वैशिष्ट्य के कारण वैशाख उत्तम मास है। एक कथा […]
Read More !!वैशाख मास व्रत एवं माहात्म्य!!PANCHAGAVYA AYURVED keynotes.pdf
करवा चौथ व्रत उत्सव विधि
karwachauth
Read More करवा चौथ व्रत उत्सव विधिSant Vani
पितृपक्ष (श्राद्ध सेवा)
*ऋणी रहूंगा अपने पितरों का, जिन्होंने मुगलों के विरुद्ध ७०० और अंग्रेजों के विरुद्ध 190 वर्ष तक धर्मांतरण की लड़ाई लड़ी और मेरी पहचान हिंदू के रूप में रखी। हे परम आदरणीय पूर्वजों !!! सात सौ साल के इस्लामिक राज और दो सौ साल के ईसाई शासन के बाद भी आज हम अपने त्योहार मना […]
Read More पितृपक्ष (श्राद्ध सेवा)Dev shilpi Lord Vishwakarma ji
सृजन और निर्माण के देवता, भगवान विश्वकर्मा जी की जयंती के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की कृपा से हम सभी के जीवन में प्रगति, समृद्धि और खुशहाली का मार्ग प्रशस्त हो। उनके आशीर्वाद से हम सभी समाज तथा राष्ट्र के उत्थान में निरंतर योगदान देते रहें।
Read More Dev shilpi Lord Vishwakarma jiदिन का शुभारंभ दानसेवा द्वारा करें
daily Devine activity as dansewa
Read More दिन का शुभारंभ दानसेवा द्वारा करें🌹🌹पद्मभागवत पद रत्नाकर 🌹 🌹
पद संख्या 476 🌹 जय जय श्री राधे 🌹🙏🌹 🌹श्याम हमारे तन-मन-धन हैं, श्याम हमारे जीवन-प्रान।श्याम हमारे अङ्ग-अङ्गमें, रोम-रोममें बसे महान॥ 🌹श्याम मिले ही रहते हैं नित, नहीं छोड़ते हैं पल एक।घरमें, वनमें, भीतर-बाहर, सदा साथ रहते रख !! टेक॥ 🌹 स्वप्न-जागरण, भोग-योगमें घुले-मिले रहते हैं नित्य।साथ खेलते, साथ विहरते, सदा साथ सोते हैं सत्य॥ […]
Read More 🌹🌹पद्मभागवत पद रत्नाकर 🌹 🌹