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!!वैशाख मास व्रत एवं माहात्म्य!!

*”न माधवसमो मासो न कृतेन युगं समम्। न च वेदसमं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समम्।।” वैशाख के समान कोई मास नहीं है, सत्ययुग के समान कोई युग नहीं है,        वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं है।    अपने कतिपय वैशिष्ट्य के कारण वैशाख उत्तम मास है।                                      एक कथा […]

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पितृपक्ष (श्राद्ध सेवा)

*ऋणी रहूंगा अपने पितरों का, जिन्होंने मुगलों के विरुद्ध ७०० और अंग्रेजों के विरुद्ध 190 वर्ष तक धर्मांतरण की लड़ाई लड़ी और मेरी पहचान हिंदू के रूप में रखी। हे परम आदरणीय पूर्वजों !!! सात सौ साल के इस्लामिक राज और दो सौ साल के ईसाई शासन के बाद भी आज हम अपने त्योहार मना […]

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🌹🌹पद्मभागवत पद रत्नाकर 🌹 🌹

पद संख्या 476 🌹 जय जय श्री राधे 🌹🙏🌹 🌹श्याम हमारे तन-मन-धन हैं, श्याम हमारे जीवन-प्रान।श्याम हमारे अङ्ग-अङ्गमें, रोम-रोममें बसे महान॥ 🌹श्याम मिले ही रहते हैं नित, नहीं छोड़ते हैं पल एक।घरमें, वनमें, भीतर-बाहर, सदा साथ रहते रख !! टेक॥ 🌹 स्वप्न-जागरण, भोग-योगमें घुले-मिले रहते हैं नित्य।साथ खेलते, साथ विहरते, सदा साथ सोते हैं सत्य॥ […]

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